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Tenet Movie Review || टेनेट फिल्म समीक्षा

 टेनेट फिल्म समीक्षा || Tenet Movie Review



हॉलीवुड में मौलिक कहानियों पर भव्य और रोमांचक फिल्में बनाने में क्रिस्टोफर नोलन बेजोड़ है। डॉर्क नाइट ट्रायोलॉजी के बाद उन्होंने इनसेप्शन, जैसी हिट फिल्म दी। युद्ध आधारित फिल्म डनकिर्क के लिए उन्हें ऑस्कर अवार्ड में पहली बार नामिनेशन मिला था। अब वह साइंस फिक्शन फिल्म टेनेट लेकर आए है।




कहानी


फिल्म की शुरुआत यूक्रेन की राजधानी कीव में दर्शकों से खचाखच भरे एक बड़े से ओपरा हाउस में आतंकियों के घुसने से होती है। वे लोगों को गैस के जरिए बेहोश कर देते हैं और उसे उड़ाने की तैयारी में हैं। इस ओपनिंग सीन के बाद नायक (जॉन डेविड वॉशिंगटन) से परिचय होता है। उसे दुनिया को विनाश से बचाने के मिशन पर भेजा जाता है। यह मिशन शक्तिशाली रूसी हथियार डीलर आंद्रेई (केनेथ ब्रानघ) से दुनिया को बचाने के बारे में है, जो ट्राइम ट्रैवल कर सकता है।



अब उसे उसके ही खेल में हराना है। समय के प्रवाह को पलटने की तकनीक का उपयोग करके नायक कैसे अपने मिशन को अंजाम देता है फिल्म उस संबंध में है। फिल्म का शीर्षक टेनेट एक संगठन का नाम है जो विश्व को विनाश से बचाने के लिए प्रयासरत है। डनकिर्क की रिलीज के करीब तीन साल बाद क्रिस्टोफर की टेनेट आई है। यह नोलन की पहली फिल्म है जिसका नायक अश्वेत हैं।




स्टार की परफॉरमेंस


फिल्म में जॉन डेविड वाशिंगटन के किरदार को प्रोटैगनिस्ट (Protagonist) संबोधित किया गया है। नील (डेविड पैटिसन) उनके सहयोगी के तौर पर साथ रहते हैं। दोनों की जोड़ी दिलचस्प लगती है। एलिजाबेथ डेबिकी का किरदार मातृत्व और घरेलू हिंसा के ईदगिर्द है। वह अपनी भूमिका साथ न्याय करती हैं।

डिंपल कपाडिया की यह पहली हॉलीवुड फिल्म है। इसमें उन्होंने प्रिया की भूमिका निभाई है जो मुंबई में हथियारों की डील करती है और खुफिया संगठन से जुड़ी है। अपनी संक्षिप्त किंतु अहम भूमिका में डिंपल प्रभावी लगती हैं।




डायरेक्शन


तकनीक तौर पर यह फिल्म शानदार है। इसका कांसेप्ट भी शानदार है। उसे  विश्वसनीय बनाने के लिए एक्शन, एडवेंचर और सजिश को गढ़ने में कल्पनाओं की ऊंची उड़ानें भरी गई हैं। क्रिस्टोफर नोलन कई अवसरों पर इसे प्रभावी ढंग से उसे पर्दे पर लाते हैं। उसमें उन्हें कलाकारों का पूरा सहयोग मिला है। फिल्म में कार चेजिंग और वाहन से सिलेंडर चुराने के सीन रोमांचकारी हैं। यह फिल्म अलग-अलग देशों में भी जाती हैं।

आकाश में उड़ते सैन्य जहाज हों या समुद्र के दृश्य, वे मनमोहक हैं। हालांकि कहानी काफी जटिल है। अचानक से आप एक जगह से दूसरी जगह पहुंच जाते हैं। टाइम ट्रैवल में आने-जाने को लेकर थोड़ा आप कंफ़यूज होते हैं। कहानी के सबसे अहम दो किरदारों की मिशन के अतिरिक्त कोई जिंदगी नहीं दिखाई गई है।




कहा रह गयी कमी


कहानी काफी जटिल है। अचानक से आप एक जगह से दूसरी जगह पहुंच जाते हैं। टाइम ट्रैवल में आने-जाने को लेकर थोड़ा आप कंफ़यूज होते हैं। कहानी के सबसे अहम दो किरदारों की मिशन के अतिरिक्त कोई जिंदगी नहीं दिखाई गई है।




देखे या नहीं


इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत है इसके विजुअल्स। फिल्म की सिनेमेटाग्राफी नयनाभिरामी है। कई जगह सांसें थाम देने वाले एक्शन सीन का रोमांच बड़ी स्क्रीन पर ही मिलता है।


और अंत में रेटिंग




प्रमुख कलाकार: जॉन डेविड वॉशिंगटन, रॉबर्ट पैटिनसन, एलिजाबेथ डेबिकी, केनेथ ब्रानघ,  डिंपल कपाड़िया, मार्टिन डोनोवन, हिमेश पटेल, आरोन टेलर-जॉनसन

लेखक और निर्देशक: क्रिस्टोफर नोलन

अवधि: 150 मिनट

रेटिंग:     3/5 

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