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Criminal Justice Movie Review || क्रिमिनल जस्टिस फिल्म समीक्षा

 क्रिमिनल जस्टिस फिल्म समीक्षा ||  Criminal Justice Movie Review


क्रिमिनल जस्टिस- बिहाइंड द क्लोज़्ड डोर्स में आठ एपिसोड हैं। कोर्ट रूम ड्रामा सीरीज़ का निर्देशन रोहन सिप्पी व अर्जुन मुखर्जी ने किया है। इसकी कहानी अपूर्व असरानी ने लिखी है, जबकि इसका निर्माण एप्लॉज एंटरटेनमेंट ने बीबीसी स्टूडियोज़ के साथ मिलकर किया है।



कहानी


क्रिमिनल जस्टिस सीजन 2 में इस बार कहानी बेहद दिलचस्प है क्योंकि इस बार का मुद्दा बेहद अहम और सवेंदेंसेल है नजर आ रहा है। कहानी है एक कपल की जिसने लव मैरिज किया होता और उनकी 12 साल की एक बच्ची भी होती है। वहीं एक दिन अचानक पत्नी अनु (कीर्ति कुल्हाड़ी) अपने पति को बेडरूम में चांकू मारकर हत्या कर देती है जिसके बाद उसपर अपने पति के हत्या का आरोप लग जाता है। बता दें कि अनु चंद्रा के बचाव में वकील आयशा हुसैन केस लड़ रही होती हैं। दिलचस्प बात तो यह है कि अनु यह आरोप चुप चाप स्वीकार कर लेती है। खुद को बचाने के लिए अनु अपने हाथ में कुछ भी नहीं कहती है जिसके बाद कोर्ट में इस केस को ओपन एंड शर्ट केस करार दिया जाता है।



वहीं अब आता है कहानी में ट्विस्ट जब केस में एंट्री होती है माधव मिश्रा यानी कि पंकज त्रिपाठी की। माधव मिश्रा अपने हाथों में एक ऐसा केस लेता है जिसे हर किसी ने हारा हुआ मान लिया है। इस वजह से इस केस को आगे बढ़ाना माधव मिश्रा के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे में अब माधव मिश्रा इस केस को किस तरह से आगे बढ़ाता है यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।




 स्टार की परफॉरमेंस


पंकज त्रिपाठी के बारे में मैंने पहले भी कहा है कि वह एक ऐसे अभिनेता हैं जिन्हें कोई भी रोल दे दिया जाए वो उसे चोले की तरह पहन लेते हैं। सीरीज़ के पहले सीज़न में भी हमने माधव मिश्रा के किरदार में पंकज त्रिपाठी को देखा था और इस सीज़न में भी उनकी कमाल की एक्टिंग देखने को मिली। कीर्ति कुल्हारी ने ऐसी महिला का किरदार निभाया है, जो पति की हत्या के बाद एकदम शांत हो गई है। उनकी आँखों के आँसू, चुप्पी, उदास चेहरा और ख़ुद में खोये रहना, ये सभी भाव उन्होंने शानदार तरीक़े से पेश किये हैं। अनु का किरदार केंद्र में है और उसे उन्होंने अच्छे से निभाया है।



अनुप्रिया गोयनका ने अपने किरदार के साथ न्याय किया है। जीशू सेनगुप्ता का छोटा-सा किरदार है लेकिन अच्छा है। इसके अलावा दीप्ती नवल, मीता वशिष्ठ, आशीष विद्यार्थी, शिल्पा शुक्ला और अन्य स्टार्स ने अच्छी एक्टिंग की है।




डायरेक्शन


निर्देशक रोहन सिप्पी और अर्जुन मुखर्जी ने लेखक अपूर्व असरानी की कहानी को पर्दे पर बेहतरीन तरीक़े से पेश किया है और अनु के किरदार को केंद्र में अंत तक बनाये रखा। किसी भी वेब सीरीज़ की कहानी को अंत तक बांधे रखना निर्देशक के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है और इसमें दोनों निर्देशकों ने इस पर ख़ूब मेहनत की है। इसके अलावा सीरीज़ के डायलॉग्स कमाल के हैं, एक संवाद है- 'ब्रेकिंग न्यूज़ के चक्कर में समाज को ब्रेक कर देंगे ये लोग।' ऐसे कई और भी संवाद हैं जो दृश्य के साथ परफ़ेक्ट बैठते हैं।




कहा रह गयी कमी


वेब सीरीज़ की कमज़ोर कड़ी की बात करें तो इसमें आख़िर तक सस्पेंस नहीं बंध पाया है। कहानी का क्लाइमैक्स क्या होने वाला है, इसका अंदाज़ा लग जाता है। बीच में सीरीज़ थोड़ी सी स्लो भी लगने लगती है लेकिन उसे नज़रअंदाज़ किया जा सकता है।

 



देखे या नहीं


अगर आप मर्डर-मिस्ट्री थ्रिलर कहानियों के शौकीन हैं, तो सीरीज़ 'क्रिमिनल जस्टिस' आपके लिए अच्छा पैकेज है।. पंकज त्रिपाठी के फैन हैं तो मिस मत कीजिए.


और अंत में रेटिंग



ऐक्टर: कीर्ति कुल्हारी,पंकज त्रिपाठी,जिशू सेनगुप्ता,अद्रिजा सिन्हा,अनुप्रिया गोयनका,मीता वसिष्ठ,आशीष विद्यार्थी,दीप्ति नवल

डायरेक्टर: रोहन सिप्पी,अर्जुन मुखर्जी

श्रेणी:Thriller, Drama

रेटिंग : 3/5

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