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Tuesdays & Fridays Movie Review || ‘ट्यूजडेज एंड फ्राईडेज’ फिल्म समीक्षा

 

Tuesdays & Fridays Movie Review || ‘ट्यूजडेज एंड फ्राईडेज’ फिल्म समीक्षा 


फिल्म ट्यूजडेज एंड फ्राईडेजकी कहानी न्यू मिलेनियल्स की सबसे बड़ी चिंता पर फोकस करती है. फिल्म का हीरो एक लेखक है. इसका नॉबेल बेस्ट सेलर हो चुका है. फिल्म की हीरोइन एक वकील है और जिंदगी खुलकर जीने में यकीन करती है.



कहानी


फिल्म ट्यूजडेज एंड फ्राईडेजकी कहानी न्यू मिलेनियल्स की सबसे बड़ी चिंता पर फोकस करती है. फिल्म का हीरो एक लेखक है. इसका नॉबेल बेस्ट सेलर हो चुका है. फिल्म की हीरोइन एक वकील है और जिंदगी खुलकर जीने में यकीन करती है. दोनों एक बार मिलते हैं और धीरे धीरे दोनों एक दूसरे के करीब आने लगते हैं. लेकिन दोनों को डर यही है कि कहीं इस रिश्ते का आयोडीन तो जल्द ही नहीं उड़ जाएगा. ऐसे में अपने डर से निकलने के लिए दोनों ये तय करते हैं कि प्रेमी के रूप में वे सिर्फ मंगलवार और शुक्रवार को ही रहेंगे, हफ्ते के बाकी दिन वह दोस्तों की तरह गुजार देंगे. 



दोनों का अपना अपना एक पारिवारिक अतीत भी गढ़ा गया है ताकि बजरंग बली और संतोषी माता के दिनों में बंटे इस प्यार को कुछ आधार दिया जा सके. कुल मिलाकर फिल्म की कहानी थोड़ी सी समझ के परे भी है.



स्टार की परफॉरमेंस


अभिनय के लिहाज से फिल्म के लीड रोल ने ठीक ठाक काम किया है.हालांकि दोनों की स्टार्स अपनी तरफ खींचने में बहुत ज्यादा सफल नहीं हुए हैं. फिल्म देखकर लगता है कि दोनों कहीं एक कमी सी छोड़ते नजर आए हैं. अनमोल एक फिल्म निर्माता और एक अभिनेत्री के बेटे हैं तो वह अगर अपने अभिनय पर मेहनत कर ले गए तो उनको अभी मौके और भी मिलने हैं, फिल्म में निकी वालिया का काम यहां तारीफ के काबिल है।

 


फिल्म ट्यूजडेज एंड फ्राईडेजकहानी से भी ज्यादा कमजोर संगीत है. फिल्म में दो नए चेहरों के साथ एक प्रेम कहानी को दिखाया गया है उस हिसाब से संगीत सबसे ज्यादा चूकता नजर आया है. अगर काफी समय से आपने कोई फिल्म नहीं देखी है तो ही ये फिल्म आप देख सकते हैं.



डायरेक्शन


फिल्म का निर्देशन कई जगह तो बेहद अच्छा है लेकिन कई अगह आपको फिल्म काफी बोर करती नजर आएगी. फिल्म की कहानी अपने पायदान पर ही औंधे मुंह गिरती नजर आती है.फिल्म की कहानी से ऐसा लगता है जैसे हैदराबादी वेज बिरयानी बनाने चला कोई शेफ तहरी पर आकर अटक गया. फिल्म की रफ्तार कभी बहुत तेज तो कभी बहुत धीमें नजर आती है. फिल्म के बैकग्राउंड की स्टोरी काफी बोरिंग है.



कहाँ रह गयी कमी


फिल्म ट्यूजडेज एंड फ्राईडेजके निर्माता संजय लीला भंसाली भी हैं. बड़े बैनर की फिल्म होने के बाद फिल्म ने कई खास कमाल नहीं किया है.




देखे या नहीं


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और अंत में रेटिंग



कलाकार: अनमोल ठाकेरिया ढिल्लो, जटालिका मल्होत्रा, अनुराधा पटेल, निकी वालिया और प्रवीन डब्बास आदि।

निर्देशक: तरनवीर सिंह

निर्माता: संजय लीला भंसाली और भूषण कुमार

रेटिंग- 2/5  

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